नौकासन मतलब नाव वाला योग। नौकासन योग आसान को एक नाव की आकृत में किया जाता है, इसलिए इसे नौकसाना कहते हैं। नौकासन करते वक़्त आपके कमर, हिप्स, पैर, पेट और मेरुदण्ड सभी अंगो का इस्तेमाल होता है। इसलिए इस योगा मुद्रा के अभ्यास से इन सभी अंग का एक्सर्साइज़ अच्छे से होता है। रिज़ल्ट में आपके ये अंग बहुत मजबूत और आरामदायक होते हैं। इस योग के अद्भुत फायदे हैं। यह पेट की चर्बी को कम करने में काफ़ी एफेक्टिव है। यह हमारे पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है और साथ-साथ सिर से लेकर पैर की उंगली तक को…
Author: Peter
कटुसपदपीतम योगा कैसे हमारे लिए फायदेमंद है इसके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे है।कटुसपदपीतम मुद्रा करने से हमारे हाथ पैरो की मांशपेशियां मजबूत होती है। इसके एफेक्ट से हमारे हाथ पैरों में जमी चर्बी कम होने लगती है। जिन लोगों को साँस सबंधित समस्या हो उनके लिए ये आसन बहुत ही लाभदायक है। कटुसपदपीतम टेबल पोज़ पीठ, हाथ और पैरों की मांशपेशियों को मजबूत करता है। इसलिए अगर हम नियमित रूप से योगा करेंगे तो हमे इस तरह की किसी भी मुसीबत का सामना नही करना पड़ेगा। तो चलिए जानें कटुसपदपीतम योग विधि एवं इससे होने वाले…
नियमित योगा करने से बहुत फायदे होते है, योग से दिमाग में सकारात्मक विचार आते है, साथ ही बिमारियों को दूर कर निरोगी बना जाता है। योग का फायदा तभी मिलता है जब आप इसे सही तरीके से करते हैं। तो आज हम आप योगा के एक और मुद्रा के बारे मे बताने जा रहे है जिसे हम ताड़ासन के नाम से जानते है। यह योगासन लंबाई बढ़ाने के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। ताड़ासन को नियमित रूप करने से पैरों में मजबूती आती है साथ ही पंजे मजबूत होते हैं। इस आसन को करने से पेट और…
पश्चिम मतलब पीछे का भाग। पीठ में खिचाव आता है इसलिए इसे पश्चिमोत्तानासन कहते हैं। इस आसन से शरीर की सभी मांशपेशियों पर खिचाव पड़ता है। पश्चिमोत्तानासन आसन को आवश्यक आसनों में से एक माना गया है। इस शब्द को संस्कृत से लिया गया है। इस आसन में मेरुदण्ड लचीला बनता है। जिससे कुण्डलिनी जागरण से लाभ होता है। यह आसान आध्यात्मिक दृष्टि से अधिक महत्वपूर्ण है। पश्चिमोत्तानासन मेरुदण्ड के सभी विकार जैसे पीठ दर्द, यकृत रोग,आतों के रोग और गुर्दे के रोगों को दूर करता है। इस योग मुद्रा को करने से शरीर की चर्बी कम होती है और…
चक्रासन योग का एक महत्वपूर्ण आसन है। चक्रासन योग पीठ के बाल किया जाने वाला एक इंपॉर्टेंट योगासन है। चक्रासन 2 शब्द से मिलकर बना है – चक्र का अर्थ पहिया होता है और आसन से मतलब है योग मुद्रा। इस आसन को करते समय आदमी के शरीर की पोज़िशन एक पहिए की तरह होती है। इसलिए इसे चक्रासन कहते है। इसे वील पोज़ के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा यह धनुरासन के बिल्कुल बिपरीत होता है इसलिए इसे अधवा धनुरासन के नाम से भी जाना जाता है। वैसे तो चक्रासन के बहुत सारे लाभ है फिर…
योग चाहे कोई भी हो हमारे स्वास्थय के लिए काफी लाभकारी होते हैं। आदमी का शरीर को स्वस्थ और निरोगी बनाए रखने के लिए हमारे ऋषि मुनियो ने कई तरह के योगासन, प्राणायाम, ध्यान, आसान और मुद्राएं बताये। ये किसी ना किसी तरह से हमारे शरीर को फायदे देते हैं। आश्विनी मुद्रा का मतलब है ” आश्व यानी घोड़े की तरह करना” घोड़ा अपने गडद्वार को खोलते और बंद करता रहता है। यही कारण है यह अन्य सभी जानवरों से शक्तिशाली होता है। जिस प्रकार से घोड़ा अपने गधद्वार को बार-बार सिकोड़ता और ढीला करता है उसी तरह गधद्वार को…
मयूरासन योग कैसे करें विधि, लाभ एवं सावधानियां: मयूरासन यानी मोर की आकृत का आसन। इस आसन में आदमी का शेप मोर की तरह बन जाता है। इसलिए इस योग को मयूरासन के नाम रखा गया है। इस आसन को नियमित रूप करने से जीवन में कभी भी डाइबिटीज़ नहीं होता। ये ही नहीं अगर आपको ब्लड शुगर, कब्ज, आजकल की तेज़ी से फैलती बीमारियो से लाभ पाने के लिए मयूरासन बहुत ही फायदेमंद है। मयूरासन को दो तरह से किया जा सकता है। पहला आप इसे ज़मीन पर हाथों के बल से शरीर को उठाकर और दूसरा तरीका है किसी…
ग़लत जीवन-शैली, ख़ान-पान के चलते वजन का बढ़ना आम बात है। आजकल हर कोई अनचाहे पेट के बढ़ने से परेशान है। अक्सर ज़्यादातर लोगों के शरीर में चर्बी बढ़ने से मोटापा का निवास होने लगता है। देखा जाए तो वजन बढ़ने पर हमारी कमर और पेट ज़्यादा एक्टिव होते हैं। आज हम आपको त्रिकोणासन के बारे में बताएँगे। त्रिकोणासन योग को करते टाइम शरीर का शेप त्रिकोण होता है, इसलिए इसे त्रिकोणासन कहते है। इस आसान में शरीर में अलग-अलग 3 कोण बनते हैं। इस आसन को आप नियमित करते रहेंगे तो बहुत जल्दी आपके पेट की चर्बी कम होने…
योग कोई भी हो, उसके हमारे जीवन में बहुत फायदे होते हैं। योगासन में के अलग-अलग आसनों में से एक है शीर्षासन। इस आसान को सिर के बल किया जाता है इसलिए इसे शीर्षासन कहते हैं। शीर्षासन को कपालसाना के नाम से भी जाना जाता है। शीर्षासन के बहुत लाभ है इसलिए इस योग में सही माना जाता है। सुखी जीवन जीने के लिए एक्सर्साइज़ हमारे जीवन में बहुत ज़रूरी है। इसलिए चलिए आज हम आपको एक और योगा शीर्षाना के बारे में बताते हैं। सबसे पहले जाने शीर्षासना क्या है, शीर्षासन योग कैसे करें विधि एवं फायदे – Shirshasana…
Sarvangasana Kaise Kare: आज हम आपको एक और बेहतरीन योग के बारे में बताने जा रहे है, यह योगा भी पवनमुक्तासन की तरह शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद है। इस योग को करना बहुत ही आसान है। सर्वंगासना का मतलब है सर्वा अंग और आसान। जैसा की नाम से पता चल रहा है यह आसान हमारे पूरे शरीर के अंगो का व्यायाम करने में मददगारी है। इससे पूरे शरीर के अंगों का व्यायाम होता है। इसलिए यह आसान कई फायदे से भरपूर है। इसे शोल्डर स्टॅंड पोज़ के नाम से भी जाना जाता है। आइए जानते है सर्वंगासना कैसे…
