इमली के फायदे और नुकसान – Tamarind Benefits and Side-Effects in Hindi

इमली के औषधीय गुण एवं चमत्कारी फायदे: खट्टे-मीठे स्वाद से भरपूर इमली आपके स्वास्थ्य को कई फायदे देती है। इस फल के जरिये आपको केवल स्वाद ही नहीं मिलता बल्कि इसमें कई ऐसे औषधीय गुण हैं जिससे आपके सेहत को कई लाभ होते हैं। इमली में विटामिन सी, विटामिन बी, आयरन, पोटेशियम और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है जो की शरीर से कई हानिकारक विषाणु पदार्थों को बाहर निकलता है और शरीर को कई बिमारियों से बचता है। इमली बैक्टीरिया, वायरस, फंगल जैसे खतरनाक रोगों से लड़ने की क्षमता रखता है। इसका अधिकतम लाभ लेने के लिए इसका नियमित रूप से सेवन करें। आइये जानते हैं इमली के फायदे और नुकसान – Tamarind (Imli) Benefits and Side-Effects in Hindi.

इमली खाने से लाभ

इमली के फायदे – Imli Ke Fayde in Hindi

पूरे भारतवर्ष में यह आसानी से मिलने वाला यह फल घरलू उपचारों में कई तरह की बिमारियों से बचने के लिए उपयोगी औषधि है। इमली की चटनी, आचार, मुरब्बा, जैम, जैली यहाँ तक की सब्जी भी बनायीं जाती है। कई तरह के आहार में इसे मिलकर स्वाद को मजेदार बनाया जाता है।

वजन को कम करने में

बढ़ते वजन और मोटापा से आज के समय में बहुत से लोग परेशान हैं। जहाँ आपको शरीर को फिट और तंदुरस्त रखने के लिए व्यायाम जरूरत होती है वही आपको एक सही खान-पान की भी जरूरत होती है। आहार की बात करें तो वजन घटने में इमली का सेवन काफी फायदेमंद होता है। क्यूंकि इस फल में हाइड्रोऑक्साइट्रिक एसिड की मात्रा ज्यादा होने से शरीर में चर्बी को burn करने वाले इन्जाइम की बढ़ोतरी होती है। जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। तो वजन कंट्रोल करने के लिए आज से ही अपने आहार में इमली को शामिल करें।

कैंसर से बचाव करे

इमली छोटी से छोटी लेकर बड़ी से बड़ी बिमारियों से छुटकारा दिलाने वाला फल है। इस फल में एंटीऑक्सीडेंट गुण और टार्टरिक एसिड पाया जाता है जो मुक्त कणों से शरीर की रक्षा करता है और sath ही cancer उत्पन्न करने वाले कोशकाओं को पनपने से रोकता है।

पीलिया रोग में सहायक

मौसम के बदलते ही कई लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा है, खान-पान में बदलाव आने लगता है। इस समय पीलिया रोग का संक्रमण सबसे ज्यादा होता है जिसकी वजह से कई लोग कमजोर, बुखार से पीड़ित, सरददर्द जैसे परेशानियों से जूझते हैं। ऐसे में पीलिया वाले मरीज को इमली का जूस पिलाया जाये तो बेहतर होता है। इसके अलावा आप इमली के फूल और पत्तों को पानी में उबालकर ठन्डे होने के लिए दिन भर में 2 से 3 बार पियें ऐसा करने से पीलिया वाले रोग से मुक्ति मिलती है।

इमली का पानी दिल को बनाये स्वस्थ

इमली में पोटेशियम की ज्यादा होने के कारण यह हृदय को स्वस्थ बनाने में काफी लाभकारी होता है। यह हमारे रक्त को साफ़ करने और ब्लड pressure को कम करने में मदद करता है। इमली में पाए जाने वाला फाइबर भी कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होता है। इमली के एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स को चेक में रखते हैं। इसलिए हमारा दिल मजबूत और स्वस्थ बनता है।

शीघ्रपतन दूर करे

कई लोगों में शीघ्रपतन की समस्या होती है। ऐसे व्यक्तियों को आधा किलो इमली के बीच चार दिन तक भिगोने के बाद उनके छिलकों को निकलकर छाया में सुखाएं और फिर उसमें समान मात्रा में मिश्री को मिलाकर पीसें। इस मिश्रण में से आधा चम्मच रोजाना दूध के साथ शुबह शाम पियें। कुछ ही दिनों में आपकी यह बीमारी दूर हो जाएगी। साथ ही आपमें वीर्य की मात्रा ज्यादा और वीर्य गधा होने लगेगा।

प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करे

इमली में antioxidant और एंटी-माइक्रोबियल गुण होने के कारन यह शरीर की रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने में सहायक होती है। अगर आप नियमित रूप से रोजाना इमली का सेवन करें तो आप माइक्रोबियल जैसे संक्रमणों से बचने और अन्य बिनाशकारी रोगों से बचने में शक्ति मिलेगी।

पाचन क्रिया को बनाये मजबूत

बहुत से लोगों का भोजन सही तरह से नहीं पचता है जिससे वे गैस, कब्ज, पेट में दर्द, डायरिया जैसे कई समस्याओं से जूझते रहते हैं। इमली में मौजूद फाइवर पाचन क्रिया को मजबूत बनाने में सहायक होती है। पाचन सम्बन्धी समस्या से बचने के लिए एक चम्मच इमली के जुड़े को एक लीटर पानी में भिगोकर इसे गर्म करें और फिर छानकर इसका अर्क बनाकर पी लें। कुछ ही समय में आपको पेट से समाधित परेशानियों से छुटकारा मिल जायेगा।

इमली के बीज का पाउडर दांतों के लिए फायदेमंद

अगर आपके दांत पीले, दांतों में कीड़े लगने, पायरिया, मसूड़ों और दांतों के मसूड़े काले होने लगे हैं तो घबराइए नहीं क्यूंकि इमली इन सबसे आपको छुटकारा देने का सबसे अच्छा घरेलु इलाज है। इन सब परशानियों के लिए आप इमली के बीज को पीसकर उसका पाउडर बना लें फिर इस पाउडर से सुबह शाम दांतों को साफ़ करें। इससे जल्दी ही आपके दान साफ़ और चमकदार हो जायेंगे।

बवासीर में दे राहत

बवासीर जिसे अंग्रेजी में पाइल्स कहते हैं एक कष्टदायी बीमारी है। वैसे तो इसका इलाज ऑपरेशन के जरिये ही संभव है लेकिन अगर आप इसका उपचार घर पर ही करना चाहते हैं तो आप इमली के फूल और पत्तों का जूस बनाकर रोजाना सेवन करने से पैलेस के रोगी को काफी आराम मिलता है।

इमली के पेड़ की छाल गठिया रोग दूर करे

बहुत से व्यक्तिर्यों की त्वचा सूझने लगती है जोकि एक गंभीर समस्या है। यह शरीर के आंतरिक भागों को प्रभावित करती है जिससे शरीर में दर्द ज्यादा होता है। अगर आप इस समस्या से परेशान हैं तो आपके लिए इमली बहुत फायदेमंद है। इसके लिए आप आधा चम्मच भुने हिये इमली के बीज को बारीक़ पीसकर पाउडर बनायें और दिन में दो बार पानी के साथ लें, कुछ ही समय में राहत मिलेगी।

इमली खाने से नुकसान – Imli Khane se Nuksan in Hindi

  • एस्पिरिन, इब्यूप्रोफेन, नेपोरेक्सन आदि दवाओं के सेवन के बाद इमली कभी नहीं खानी चाहिए, क्यूंकि इससे रक्तस्त्राव का जोखिम उत्पन्न हो सकता है।
  • इमली का ज्यादा सेवन करने से त्वचा संबंधी विकार जैसे चर्म रोग, अप्राकृतिक साँवलापन, दाग-धब्बे, कील, मुहाँसे आदि होने लगते है और त्वचा का निखार कम होने लगता है।
  • इमली का खट्टापन शरीर को खोखला बना देता है। इसलिए इमली का सेवन कम ही करें।
  • इमली का अधिक मात्रा में सेवन करने से हाइपोग्‍लाइसीमिया (Hypoglycemia) का कारण बन सकता है, जो मधुमेह रोगीयों के लिए खतरा बन सकता है।
  • जिन लोगों के गले में खराश की समस्या होती है उन्हें इमली ही नहीं किसी भी अम्लीय पदार्थों से दूर ही रहना चाहिए।

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