शकरकंद के फायदे और नुकसान – Sweet Potato (Shakarkandi) Benefits and Side Effects in Hindi

शकरकंद को मीठा आलू यानी स्वीट पोटैटो के नाम से भी जाना जाता है इसके बहुत सारे फायदे हैं। क्या आपने कभी सोचा शकरकंद खाने से आपके स्वास्थ्य को क्या लाभ हो सकते हैं। अगर आप इस बात से वाकिफ हैं तो आज हम आपको बताएँगे Sweet Potato Health Benefits in Hindi। यह कंदमूल सब्जी चाहे भोजन में कम प्रयोग में लाया जाता हो लेकिन इसके बहुत सारे स्वास्थय लाभ हैं इसके नियमित सेवन करने से ब्लड शुगर को कम किया जा सकता है। यह कैंसर, दिल की बिमारियों को चुटकी में दूर कर सकता है। यह हमारे स्वस्थ्य से लेकर त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। आइये जानते हैं इस गुणकारी सब्जी से और कितने स्वास्थय लाभ होते हैं।

शकरकंद खाने में मीठा होता है और इसके सेवन से हमारे शरीर में खून की बढ़ोतरी होती है। इससे हमारे कामशक्ति में बढ़ावा आता है। यह ज्यादातर सर्दियों में बाजार में दीखता है। शकरकंद में छोपेर, फोलेट, आयरन, मैग्नीशियम और बहुत सारे विटामिन होते हैं जो हमारे प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देते हैं।

शकरकंद के फायदे – Shakarkandi Ke Fayde in Hindi

शकरकंद के फायदे ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करे

ब्लड शुगर कम या ज्यादा से परेशान व्यक्तिर्यों के लिए शकरकंद खाना बहुत ही फायदेमंद होता है। यह ब्लड में इंसुलित को बढ़ने नहीं देता है और ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है। इसके सेवन से हमारा खून साफ़ रहता है और सुचारु रूप से शरीर में संचरण करता है।

शकरकंद खाने से लाभ कैंसर के खतरे को कम करे

शकरकंद में कैरोटिनायड जैसे विटामिन ए और बीटा कैरोटीन प्रयुक्त मात्रा में पाया जाता है जो विभिन्न प्रकार के कैंसर जिनमे मुख्या रूप से मुँह, फेफड़ों, किडनी, आँतों के कैंसर से बचाव होता है। यह कैंसर से ग्रसित कोशिकाओं को ख़त्म कर नए कोशिकाओं का निमार्ण करने में मदद करता है।

शकरकंद के औषधीय गुण प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती दे

चूँकि शकरकंद में विटामिन सी, आयरन और फास्फोरस के साथ-साथ बीटा कैरोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो हमारे प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह सफ़ेद और रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में सुधार करता है।

शकरकंद के लाभ हृदय को स्वस्थ बनाये

शकरकंद हमारे हृदय को स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसमें विटामिन बी-६ प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो होमोसिस्टीन केमिकल के स्तर को कम करने में मदद करता है। होमोसिस्‍टीन एक प्रकार का अमीनो एसिड है जिसकी अधिकता से हृदय रोग की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए जब भी मौका मिले शकरकंद का सेवन जरूर करें।

शकरकंद के फायदे गठिया रोग में सहायक

शकरकंद में पाए जानते वाले ज़िंक, मैग्नीशियम, बीटा-कैरोटीन और विटामिन-बी काम्प्लेक्स गठिया रोग को कम करने में फायदेमंद होता है। गठिया दर्द से राहत पाने के लिए उस पानी को जोड़ों पर लगाएं जिस पानी में आप शकरकंद को उबलते हो।

मीठे आलू के फायदे पाचन को मजबूत करे

शकरकंद में फाइबर की मात्रा उच्च होती है साथ ही मैग्नीशियम की अधिकता इसके महत्वा को बढ़ा देती है। इसमें स्टार्च की मात्रा होने की वजह से यह भोजन को पचाने में सहायक होता है। इसके नियमित सेवन से पाचन की समस्या दूर होने लगती है और पाचन अच्छा रहता है।

स्वीट पोटेटो बेनिफिट्स अस्थमा रोग में सहायक

नाक या फेफड़ों में कफ जमने की समस्या के लिए शकरकंद बहुत प्रभावी होता है। जिससे अस्थमा रोग में राहत मिलती है। नियमित रूप से एक शकरकन्‍द का सेवन शरीर के लिए विटामिन ए की जरूरत का 90 प्रतिशत पूरा करता है। विटामिन ए फेफड़ों के रोग जैसे वातस्फीति के इलाज के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

शकरकंदी के फायदे शरीर को हाइड्रेट करे

शकरकंद में फाइबर की मात्रा उच्च पायी जाती है जो शरीर में पानी मात्रा को बनाये रखने में मदद करता है। जिससे शरीर में जल संतुलन बना रहता है जिससे शरीर हाइड्रेट रहता है और कोशिकाओं को अच्छे से काम करने में मदद मिलती है।

शकरकंदी खाने से लाभ वजन बढ़ाने में मदद करे

जो व्यक्ति अपने कमजोर शरीर से परेशान हैं उनके लिए मीठा आलू खाना बहुत ही लाभदायक होता है। क्यूंकि इसमें स्टार्च के अलावा विटामिन, प्रोटीन और खनिज पाए जाते हैं जो भोजन को पचने में आसानी और शरीर को अधिक ऊर्जा देते हैं और हमारे वजन में बढ़ोतरी होने लगती है।

शकरकंदी मधुमेह रोग में फायदेमंद

शकरकंद मधुमेह रोग को कम करने में बहुत फायदेमंद होता है। यह इंसुलित के स्राव और कार्य में मदद करता है जिसके कारण रक्त शर्करा का स्तर नियंत्रित रहता है जिससे डॉयबिटीज़ वाले रोगियों को राहत मिलती है।

शकरकंद के नुकसान – Shakarkand Ke Nuksan in Hindi

  • ज्यादा शकरकंद खाने से आपके गुर्दे में पथरी होने का भी खतरा बढ़ जाता है। इसके सेवन से ऑक्सलेट, कैल्शियम-ऑक्सलेट मिलता है जिसकी वजह से आपके गुर्दे में पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है।
  • जिन लोगों का गुर्दा ख़राब हो और जिन्हें पित्ताशय की थैली के कार्य में परेशानी होती हो, उन्हें शकरकंद का सेवन चिकित्सक से परामर्श करके करना चाहिए।
  • रोग प्रबंधन और रक्त शर्करा वाले व्यक्तियों को शकरकंद का सेवन सही तरीके से तैयार कर के करना चाहिए।

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