शहतूत के गुण, फायदे एवं नुकसान – Shahtoot Khane ke Fayde aur Nuksan

शहतूत फल जितना अधिक खाने में स्वादिष्ट होता है उतना ही यह हमारे सेहत को फायदे पहुंचता है। पौष्टिक तत्वों से भरपूत यह गुणकारी फल कई ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट से भरा होता है। गर्मी में मौसम में शरीर को ज्यादा पानी की जरूरत होती है।

इसके सेवन से पानी की कमी दूर की जा सकती है। इस फल में आयरन, कैल्शियम, विटामिन A, C, E, K, फोलेट, नियासिन और फीवर उच्च मात्रा में पाया जाता है। यह काळा, नीले और लाल रंग का होता है। इस फल में खास औषधीय गुण होते है जो गर्मियों में लू से लड़ने की क्षमता रखता है। आइये जानते हैं शहतूत के फायदे और नुकसान

शहतूत खाने के फायदे

इसके मीठे खट्टे स्वाद के कारण इसका उपयोग शरबत जैम, जैली, शराब, चाय आदि पदार्थों को बनाने में किया जाता है। भारत में यह कश्मीर, उत्तराखंड, पंजाब, उत्तर-प्रदेश और हिमांचल में पाया जाता है। शहतूत में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। यह बालों के लिए भी फायदेमंद होता है।

आँखों की रौशनी बढ़ाये

आँखों की रौशनी को तेज करने के लिए यह फल काफी मददगार होता है। इसमें विटामिन A उच्च मात्रा में होता है जो आँखों की रेटिना को स्वस्थ बनाने में मदद करता है। इसके सेवन से आँखों में कोई भी बीमारी नहीं होती है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये

अगर हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता हो जाये तो हमारे सेहत को कभी कोई नुक्सान नहीं हो सकता है। इस फल में मौजूद विटामिन सी शरीर में बिमारियों को छूने नहीं देता है जिससे इम्युनिटी सिस्टम मजबूत होता है। इसमें पाए जाने वाले मिनरल्स शरीर को मजबूती देते हैं।

पेट के कीड़े मारे

बहुत बार पेट में कीड़े होने से आदमी को हर समय परेशानी होती रहती है और उसका शरीर दुबला-पतला हो जाता है। बच्चों में यह समस्या ज्यादा होती है। लेकिन शहतूत में पाया जाने वाला विटामिन A, कैल्शियम, पोटेशियम और फास्फोरस पेट के कीड़ों को ख़त्म करने में सहायहक होते हैं। इसके अलावा इस फल के सेवन से शरीर को जरूरी न्यट्रिएंट्स भी मिलते हैं।

कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम करे

शरीर में कोलेस्ट्रॉल कम होगा तो बीमारियां भी कम होंगी। शहतूत के फल का रस दिल के रोगियों के लिए बहुत अधिक लाभकारी होता है। इसके सेवन से आपका हृदय मजबूत और स्वस्थ होता है। दिल के दौरे वाले इंसान को इसका रस पिलाना काफी अच्छा माना जाता है।

कैंसर से बचाव करे

कैंसर का इलाज तो आप इसके सेवन से नहीं कर सकते हैं लेकिन अगर आप इसका सेवन करेंगे तो इसका खतरा टल जाता है। इस फल में भरपूर मात्रा में पाए जाने वाला एंटीऑक्सिडेंट्स मुक्त कणों से हमारी रक्षा करता है जो हमरी स्वस्थ कोशिकाओं को नुक्सान पहुंचा सकते हैं जिससे कैंसर जैसे रोग का खतरा बनता है।

रक्तचाप नियंत्रित करे

शहतूत खाने से हमारे शरीर का रक्तचाप नियंत्रित रहता है। यह खून को शुद्ध करने और शरीर में परस्पर रूप से संचारित करने में मदद करता है। इससे रक्त वाहिकाओं को आराम मिलता है साथ ही यह रक्त की थककत और दिल के दौरे जैसी बिमारियों जैसी समस्याओं से राहत पहुंचता है।

पाचन तंत्र मजबूत करे

शहतूत में फाइबर की मात्रा अच्छी होती है जो हमारे पाचन को सुधारने में मदद करता है जिससे पाचन तंत्र के माध्यम से भोजन को पचाने में सहायता मिलती। अगर पाचन तंत्र स्वस्थ और मजबूत होता है जो पेट की समस्याएं जैसे कब्ज, ऐंठन, गैस, पेट दर्द नहीं होते हैं।

हड्डियों को मजबूत करे

विटामिन क, आयरन, और कैल्शियम के अलावा फास्फोरस और मैग्नीशियम से भरपूर यह फल हमारे हड्डियों के ऊतकों के निर्माण और रखरखाव में फायदा करता है। यह हड्डियों को मजबूती और स्वस्थ बनाये रखने में मदद करता है।

त्वचा के लिए फायदेमंद

त्वचा को नरम और मुलायम बनाने के लिए शहतूत बहुत ही अच्छा फल है। इसमें विटामिन A, इ के साथ साथ लौटीं, बिता-कैरोटीन, अल्फ़ा कैरोटीन घातक भी पाए जाते हैं। जो त्वचा, ऊतक, बाल और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इसके सेवन से त्वचा गोरी और मुलायम होती है साथ ही कोई दाग-धब्बे कम होने लगते हैं।

बालों को स्वस्थ रखने में मदद करे

शहतूत के चमत्कारी गुण आपके बालों को स्वस्थ बनाने में मदद करते हैं। इसके सेवन से बालों का विकास बढ़ता है साथ ही बालों को झड़ने से रोकता है। इसके उपयोग से बालों से मुक्त कणों को रोका जा सकता है जिससे बालों में नयी चमक और कालापन आता है।

शहतूत खाने के नुकसान

आपको यह तो पता ही होगा किसी भी फल को जायगा खाने के नुक्सान भी हो सकते है निचे मेने शहतूत के नुकसान के बारे में बताया है।

  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिला को शहतूत से बचना चाहिए। क्योंकि इससे हानियां हो सकते हैं।
  • शहतूत के अधिक सेवन से बचना चाहिए। यह त्वचा के कैंसर का कारण बन सकता है।
  • शहतूत का अधिक सेवन से सिरदर्द, भूख, धुंधला दृष्टि, चक्कर आना, अत्यधिक पसीना आना, भ्रम, झटके आदि समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
  • लिवर की समस्याओं वाले रोगियों में, अधिक शहतूत के सेवन से लिवर पर भार हो सकता है और आगे चलकर अंगों को नुकसान पहुंच सकता है।
  • जो व्यक्ति किडनी की गंभीर समस्याओं से पीड़ित हों उन्हें शहतूत नहीं खाना चाहिए क्योंकि शहतूत में अधिक मात्रा में पोटैशियम पाया जाता है जो किडनी की समस्या को बढ़ा सकता है।

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