पंडित दीनदयाल के 30 सर्वश्रेष्ठ अनमोल विचार – Pandit Deendayal Upadhyay Quotes in Hindi

Pandit Deendayal Hindi Quotes: Pandit Deendayal का जन्म 25 सितम्बर 1916 को उत्तर प्रदेश के चन्द्र भवन (मथुरा) में हुआ था। वे Philosopher economist, sociologist, historian, journalist, and political activist मे कार्य करते थे। वे The Bharatiya Jana Sangh ke famous leader थे, जो आप भारतीय जनता पार्टी के नाम से जानी जाती है. उन्होंने अपने life में बहुत से ऐसे quotes दिए जिनसे आपको बहुत प्रेरणा मिलेगी। आइये जानते हैं पंडित दीनदयाल के 30 सर्वश्रेष्ठ अनमोल विचार – Pandit Deendayal Upadhyay Quotes in Hindi.

Pandit Deendayal Upadhyay Quotes in Hindi

Pandit Deendayal Upadhyay Quotes in Hindi

Quote 1: अवसरवाद ने राजनीति में लोगों के विश्वास को हिला कर रख दिया है .

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 2: स्वतंत्रता तभी सार्थक हो सकती है यदि वो हमारी संस्कृति की अभिव्यक्ति का साधन बन जाए.

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 3: भारतीय संस्कृति की मौलिक विशेषता है कि यह जीवन को एक एकीकृत समग्र रूप में देखती है .

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 4: वहां जीवन में विविधता और बहुलता है लेकिन हमने हमेशा इसके पीछे की एकता को खोजने का प्रयास किया है.

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 5: भारत में नैतिकता के सिद्धांतों को धर्म कहा जाता है – जीवन जीने की विधि.

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 6: मानवीय ज्ञान आम संपत्ति है .

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 7: शक्ति हमारे असंयत व्यवहार में नहीं बल्कि संयत कारवाई में निहित है.

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 8: अनेकता में एकता और विभिन्न रूपों में एकता की अभिव्यक्ति भारतीय संस्कृति की सोच रही है .

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 9: जब स्वाभाव को धर्म के सिद्धांतों के अनुसार बदला जाता है , तब हमें संस्कृति और सभ्यता प्राप्त होते हैं .

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 10: मुसलमान हमारे शरीर का शरीर और खून का खून हैं .

~~Pundit Deendayal Upadhyaya

पंडित दीनदयाल के अनमोल वचन सुविचार - Pandit Deen Dayal Upadhayaya Anmol Vichar .

Quote 11: किसी सिद्धांत को ना मानने वाले अवसरवादी हमारे देश की राजनीति नियंत्रित करते हैं .

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 12: ये ज़रूरी है कि हम ‘ हमारी राष्ट्रीय पहचान ’ के बारे में सोचें जिसके बिना ‘स्वतंत्रता ’ का कोई अर्थ नहीं है .

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 13: भारत जिन समस्याओं का सामना कर रहा है उसका मूल कारण इसकी ‘राष्ट्रीय पहचान ’ की उपेक्षा है .

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 14: हम लोगों ने अंग्रेजी वस्तुओं का विरोध करने में तब गर्व महसूस किया था जब वे (अंग्रेज ) हम पर शाशन करते थे , पर हैरत की बात है , अब जब अंग्रेज जा चुके हैं , पश्चिमीकरण प्रगति का पर्याय बन चुका है .

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 15: पिछले एक हज़ार वर्षों में हमने जो भी आत्मसात किया चाहे वो हम पर थोपा गया या हमने स्वेच्छा से अपनाया – उसे अब छोड़ा

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Quote 16: मानव प्रकृति में दोनों प्रवृत्तियां रही हैं – एक तरफ क्रोध और लोभ तो दूसरी तरफ प्रेम और त्याग .

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 17: नैतिकता के सिद्धांत किसी के द्वारा बनाये नहीं जाते , बल्कि खोजे जाते हैं .

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 18: अंग्रेजी शब्द रिलिजन, धर्म के लिए सही शब्द नहीं है .

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 19: धर्म एक बहुत व्यापक विचार है जो समाज को बनाये रखने के सभी पहलुओं से सम्बंधित है .

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 20: धर्म के मूल सिद्धांत शाश्वत और सार्वभौमिक हैं. हालांकि , उनका क्रियान्वन समय , स्थान और परिस्थितियों के अनुसार अलग -अलग हो सकता है .

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Quote 21: एक बीज , जड़ों , तानों , शाखाओं , पत्तियों , फूलों और फलों के रूप में अभिवयक्त होता है . इन सभी के अलग -अलग रूप , रंग और गुण होते हैं . फिर भी हम बीज के माध्यम से उनकी एकता के सम्बन्ध को पहचानते हैं .

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Quote 22: यहाँ भारत में , हमने अपने समक्ष मानव के समग्र विकास के लिए शरीर , मन , बुद्धि और आत्मा की आवश्यकताओं की पूर्ती करने की चार -स्तरीय जिम्मेदारियों का आदर्श रखा है .

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 23: धर्म , अर्थ , काम , मोक्ष ( चार पुरुषार्थ ) की लालसा मनुष्यों में जन्मजात होती है और समग्र रूप में इनकी संत्सुष्टि भारतीय संस्कृति का सार हैं .

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 24: जब राज्य सभी शक्तियों , दोनों राजनीतिक और आर्थिक का अधिग्रहण कर लेता है , तो इसका परिणाम धर्म का पतन होता है .

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 25: एक देश लोगों का समूह है जो ‘एक लक्ष्य ’, ‘एक आदर्श ’, एक मिशन ‘ के साथ जीते हैं , और धरती के एक टुकड़े को मात्रभूमि के रूप में देखते हैं . यदि आदर्श या मात्रभूमि – इन दोनों में से एक भी नहीं है तो देश का कोई अस्तित्व नहीं है .

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 26: धर्म एक बहुत व्यापक अवधारणा है जो समाज को बनाए रखने के जीवन के सभी पहलुओं से संबंधित है।

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 27: जब राज्य में समस्त शक्तियां समाहित होती हैं – राजनीतिक और आर्थिक दोनों – परिणामस्वरुप धर्म की गिरावट होता है।

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 28: यहाँ भारत में, व्यक्ति के एकीकृत प्रगति को हासिल के विचार से, हम स्वयं से पहले शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा की चौगुनी आवश्यकताओं की पूर्ति का आदर्श रखते हैं।

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 29: मानव प्रकृति में दोनों प्रवृत्तियां रही हैं – एक ओर क्रोध और लालच तो दूसरी ओर प्रेम और बलिदान।

~~Pundit Deendayal Upadhyaya


Quote 30: संघर्ष सांस्कृतिक स्वभाव का एक संकेत नहीं है बल्कि यह उनके गिरावट का एक लक्षण है।

~~Pundit Deendayal Upadhyaya

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