नवजात शिशु के पेट में कब्ज (गैस) होने पर क्या करे

दोस्तों एक बार फिर से आप सभी का स्वागत है हमारे blog पर और आज का आर्टिकल है कि, “नवजात शिशु या छोटे बच्चे को कब्ज से कैसे राहत दिलाये”. कब्ज कि समस्या छोटे या बड़े सब को झेलनी पड़ती है तो ऐसे में नवजात शिशु कैसे पीछे रह सकता है. Doctors की माने में आज के time में नवजात शिशु में कब्ज कि problem बहुत आम पायी जा रही है. अगर इसके पीछे कारण की बात करी जाये तो माँ का गलत खान पान है. तो इसे में आप सभी महिलाओ को पाने खान पान पर कण्ट्रोल करना होगा और एक healthy diet को follow करना होगा।

चलो अब बात करते है कि, नवजात शिशु में कब्ज का कैसे पता चलता है? देखिये अगर आपका बच्चा बार बार रो रहा है, पोटी regular नहीं कर रहा है या जब पोटी कर रहा है तो पोटी hard हो रही है तो समझ जाये की आपका बच्चा कब्ज से पीड़ित है. अगर आप कब्ज से अपने बच्चे को राहत दिलाना चाहती है तो आप इस आर्टिकल को पूरा पढ़े।

नवजात शिशु के पेट में गैस क्यों बनती है

सबसे पहले आपको ये पता होना चाहिये की, नवजात शिशु के पेट में गैस बनना किस कारण से होता है तभी आप कब्ज पर रोक लगा सकती है. निचे हमने कुछ common कारण बता रखे है, इन्हें पढ़े और जाने।

1. बाहरी दूध पीने के कारण

बाहरी दूध का मतलब बाजार से लाया गया दूध है. जिसका उपयोग शिशु के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है. पहले जानते है कि बाहरी दूध और एक माँ के स्तन के दूध में क्या अंतर होता है. सबसे पहले बाहरी दूध गाडा और आकर में बड़ा होता है. जिससे पचाने के लिए शिशु को मुश्किल होती है. वही माँ के स्तन का दूध नरम और पतला होता है जिससे शिशु आराम से पी भी पाता है और पचा भी पाता है. तो ये बात clear हो गई कि बाहर का दूध पिने से बचे को कब्ज होता है।

2. ज्यादा खाने के कारण

शिशु जब जन्म लेता है तो उसका शरीर बहुत ही मुलायम और नरम होता है जिसकी देखभाल हमें बहुत ही ध्यान से करना पड़ता है. ऐसे में अगर शिशु को ज्यादा खाना या ठोस आहार खाने में दे देते है तो कब्ज का होना लाजमी है. ऐसे में नए जन्मे शिशु को ज्यादा खाना या ठोस आहार नहीं देना चाहिये।

3. पानी की कमी के कारण

शिशु को या एक बड़ा बच्चा या कोई भी आदमी अगर वो पानी नहीं पिए तो कब्ज तो होती ही है. ऐसे में अगर नया जन्मा शिशु को ही पानी कि कमी हो जाये तो कब्ज तो होगा ही. इसलिये हमेशा ध्यान रखना चाहिये कि उसे पानी कि कमी से दूर रखे. ताकि उसे कब्ज ना हो।

4. किसी Problem के कारण

कब्ज होने के कई कारण भी सामने आ सकते है. जिसमे हम कोई internal problem को देख सकते है. जिसमे शिशु का जन्म से ही कोई दिक्कत हो. पहले से ही आंतो में कोई समस्या हो, खाने में कोई एलर्जी आदि कि समस्या हो सकती है।

नवजात शिशु के पेट की कब्ज कैसे दूर करे

दोस्तों अब बात करते है कि, कब्ज को दूर करने के क्या क्या तरीके है? निचे हमने कुछ तरीके बता रखे है आप इन्हें follow भी कर सकती है. हमारा आप सभी को यही राय है कि, आप in तरीको को फॉलो करने से पहले एक बार डॉक्टर से भी राय ले ले. हम ऐसा नहीं कह रहे की जो तरीके हमने बताये है वो गलत है पर फिर भी, कभी कबार ये तरीके काम नहीं आते है. तो ऐसे में आपका trust हमारे ऊपर से हट सकता है और हम अपने किसी भी visitor को नाराज नहीं करना चाहते।

1. Kiwi दे

कीवी कब्ज के लिए सबसे बढ़िया उपचार माना जाता है क्योंकि कीवी से टॉयलेट नियमित रूप से आने लगता है. जिससे कब्ज कि बीमारी दूर हो जाती है. इसमें उच्च रेशे और विटामिन पाया जाता है जो कब्ज के उपचार के लिए बहुत बढ़िया होता है. एक शिशु के लिए कीवी direct खाना आसान तो नहीं है इसलिये इसका आप पाउडर बना के शिशु को खिला सकते हो जो कि बहुत आसान तरीका है।

2. बाहरी दवाईयो का Use करे

अगर आपके शिशु को कब्ज से राहत ना मिल रही हो तो दोस्तों बच्चो वाले डॉक्टर के पास जाने से ना कतराए. उन्ही कि सलाह से सही दवाई या सिरप इस्तेमाल करे. सही समय पर सही उपचार शिशु के लिए ठीक रहता है. इसलिये दवाइयों का सेवन करने से पीछे ना हटे।

3. शरीर का हिलना डुलना

आज के समय में बहुत जरूरी है कि आपका बच्चा शारीरिक रूप से तंदरुस्त बना रहे उसके लिए उसका बाहर खेलना बहुत जरूरी है. जिससे उसकी शरीर कि गतिविधि बनी रहती है और कब्ज जैसे बिमारिओ से भी दूर ही रहता है।

4. गर्म पानी से नहलाना

ये भी एक घरेलु उपचार है कि अगर आप अपने शिशु को टब में गर्म पानी से नहला के मालिश करते हो तो उसके आंतो को बहुत सुकून मिलता है. जिससे उसे कब्ज से छुटकारा मिलता है।

तो दोस्तों हमारे पास जितनी भी जानकारी है वो हमने आपको बता दिया है. अगर आपके मन में किसी भी type का कोई भी सवाल हो तो आप हमसे पूछ सकते है. आप हमारे साथ जुड़े रहे और नये नये आर्टिकल को पढ़ कर उनका फायदा ले।

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