कुल्थी दाल खाने से इतने स्वास्थ्य लाभ – Horse Gram (Kulthi Daal) Benefits in Hindi

कुल्थी दाल से है इतने फायदे Benefits of Horse Gram in Hindi : कुलथी उड़द की दाल के सामान होती है। दिखने में लाल रंग की यह खूबसूरत दाल हमारे स्वास्थय लाभ में बहुत योगदान देती है। गुर्दे की पथरी से लेकर शरीर में पित्त या कोई भी भयंकर परेशानी को यह जड़ से उखाड़ फेंकती है। अपने कई पौष्टिक तत्वों से भरपूर यह हमारे सेहत को काफी फायदे पहुंचती है। कुलथी के दानों में काफी सारा प्रोटीन, विटामिन, कैल्शियम और आयरन होता है। कई जगह इसके जरिये पकवान भी बनवाये जाते हैं। यह पाचन शक्ति को मजबूती देने के के साथ-साथ स्वास्थय समस्याओं में लाभ प्रदान करता है। आइये जानते हैं कुलथी दाल के फायदे हिंदी में विस्तार पूर्वक।

आज के दौर में हर किसी अस्पताल में हर एक मरीज को छोड़कर दूसरा पथरी की समस्या का मरीज है। इसका कारण बहुत हैं। लेकिन अगर आप इस भयंकर बीमारी से बचना चाहते हैं तो कुलथी की दाल को अपने भोजन में जोड़ें। कुलथी ज्यादातर उत्तराखंड राज्य में प्रचलित है। यह दाल पथरी को खत्म करने का एक कारगर औषधि है। आयुर्वेद में गुणधर्म के अनुसार कुलथी में विटामिन ए पाया जाता। यह शरीर में विटामिन ए की पूर्ति कर पथरी को रोकने में मददगार है। बाजार में यह किसी भी किराने की दुकान में आसानी से मिल जाती है।

कुलथी दाल खाने से इतने स्वास्थ्य लाभ – Kulthi Daal Ke Fayde in Hindi

कुलथी के दाल सेवन करने से पथरी टूट कर छोटी होती है, जिससे पथरी सरलता से मूत्राशय में जाकर पेशाब के रास्‍ते से बाहर आ जाती है।

कुल्थी का काढ़ा बनाकर उसमें काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर पीने से गले की समस्या दूर होती है।

कुलथी का काढ़ा बनाकर सेवन करने से वात की समस्या दूर होती है।

कुलथी को रात भर पानी में भिगो कर रखना पड़ता है। सुबह इसे साफ पानी से धो कर कुकर में पका लें, जिससे इसकी सब्‍जी या सूप बना सके। अगर आप इसे स्‍प्राउट के रूप में खाएं तो इसकी पोषण छमता ज्‍यादा बढ जाएगी।

कुलथी अस्‍थमा, बुखार, सदी-खांसी या जकड़न से निजात दिलाती है। थोड़ी सी कुलथी को पानी में उबालें, इस पानी से बुखार को नियत्रिंत करने में मदद मिलेगी।

यह शरीर की चर्बी को घटाती है और कफ जो कि मोटापे की जड़ है उसे दूर करती है। इसमें ढेर सारा प्रोटीन और फाइबर होता है, जिससे आसान से वजन कम होता है।

कुलथी में कैल्‍शियम, फॉस्‍फोरस, आयरन और अमीना एसिड होते हैं, जो कि स्‍पर्म बढ़ाने के लिये योगदान करते हैं। कुलथी सीमेन से गंदगी को बाहर भी निकाली है।

जिन महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान ज्‍यादा ब्‍लीडिंग होती है या फिर अनियमित महावारी होती है, उनके लिये यह लाभकारी है। इसमें मौजूद लौह शरीर में हीमोग्‍लोबिन बढाता है।

कुल्थी का काढ़ा बनाकर उसमें हींग और सोंठ का चूर्ण तथा थोड़ा-सा नमक मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से पेट दर्द में आराम मिलता है।

कुल्थी की दाल साधारण दालों की तरह पका कर रोटी के साथ प्रतिदिन खाने से भी पथरी पेशाब के रास्ते टुकड़े-टुकड़े होकर निकल जाती है। यह दाल हड्डियों के अंदर की चिकनाई बढ़ाने वाली है।

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