नकारात्मक सोच कैसे दूर करें – End Negativity in Hindi

हमारे बहुत से दोस्तों ने ये problem बताई है कि negative बातों को दिमाग में आने से कैसे रोकें? यानि नकारात्मक सोच से कैसे छुटकारा पाए। नकारात्मक सोच हमारे जीवन को आगे बढ़ने नहीं देती है यह हमारे लक्ष्य को पाने में हमेशा बढ़ा डालती है। कोई भी इंसान आजकल ग़लतफ़हमी का शिकार हो रहा है क्यूंकि लोगों के पास टाइम की बहुत कमी है। वह इस भाग-दौड़ भरी ज़िन्दगी में आगे जाने की सोचते हैं लेकिन अपनों को पीछे छूट जाते हैं। नकारात्मक सोच क्या है और इससे छुटकारा पाने के लिए आज हम आपके लिए विशेष टिप्स तरीके जो Negative Thoughts को Positive Thoughts में बदल देंगे

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Negative सोच दिमाग में क्यों आती हैं?

सबसे पहले तो ये जाने की नकारात्मक सोच है किन कारणों से हमारे दिमाग में निगेटिव बातें आती हैं। इससे आप जानेगे आखिर दिमाग में सकारात्मक विचार ना आकर नकारात्मकता क्यों आती है।

  • खुद को दूसरों से कम या ज्यादा आंकना
  • हर किसी व्यक्ति में कोई न कोई कमी होती है लेकिन उसे अपने दिल और दिमाग में बैठाये रहना और दूसरों को हीं भाव से देखना नकारात्मकता है।
  • दूसरों के कामों में कोई न कोई कमी निकलना।
  • ये सोचना की आपको कोई आदर नहीं देता तो मैं क्यों दूँ।
  • छोटी-छोटी बातों से दुखी होकर, दूसरों पर गुस्सा निकलना।
  • अपने काम से खुश नहीं होना और दूसरों से ईर्ष्या रखा।
  • भोजन करते वक़्त भोजन में कोई कमी निकलना।
  • किसी भी काम को करने से पहले उसका अंजाम देखना।
  • किसी दूसरे की खुशियों से जलना।
  • गलत संगती में पड़ना।

किसी का भी जीवन नॉर्मल नही है लेकिन अपने दुखो के लिए व्यक्ति की नीगटिवे सोच ज़िम्मेदार होती है। संघर्ष जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। अगर आप सकारात्मक सोच के साथ अपने कार्य को करोगे तो आप कभी भी सफल होने से नहीं रुक पाओगे।

नकारात्मक सोच से छुटकारा पाएं – How To End Negativity in Hindi

लाइफ से नकारात्मक सोच और बत्तों को जड़ से निकलने के लिए हमें इन हीं भावनाओं को त्यागना बहुत जरूरी है। हर किसी इंसान में निगेटिव और पॉजिटिव बातें होती हैं अगर वह पॉजिटिव रहा तो अपने जीवन में सफल होता है अगर उसमे निगेटिविटी रही तो कभी भी वह आगे नहीं बढ़ पाता है।

1. दिन की शुरुवात

हमेशा दिन की शुरुवात हमारे दिमाग में positive thoughts लाता है। दिमाग में सकरात्मक सोच भरने के लिए सवेरे जल्दी बिस्तर से उठें और कहीं पार्क में हरी ख़ास के उप्पर नंगे पाँव दौड़ें। इससे न सिर्फ आपके दिमाग में असर होगा बल्कि आपके स्वास्थय भी बेहतर होगा। ज़िन्दगी में सफल होने का सबसे बहुमूल्य पॉइंट यही है। इससे आप अपने दिन में होने वाले कार्यों का भी आकलन कर सकते हैं।

2. मेडिटेशन करें

Jogging करने के बाद आप कुछ समय के लिए शांत दिमाग से meditation कर सकते हैं। यह दिमाग में नए सुविचार लाने का बहुमूल्य तरीका है। इसमें आप अपने भगवान् को याद कर सकते हैं जिससे आपका मन साफ़ और सुद्ध होगा। साथ ही नकारात्मक सोच भी दूर होगी। मन पर काबू करने और stress free रहने का यह सबसे अच्छा तरीका है।

3. व्यायाम या योगा

व्यायाम या योगा करने से न सिर्फ हमारा शरीर स्वस्थ होता है बल्कि इससे हमारे मानसिक विकास में भी बदलाव आता है। रोजाना 30 मिनट योग, प्राणायाम या व्यायाम करना अच्छा रहता है। इससे आपके दिमाग में अच्छे positive thoughts आते हैं और मिजाज भी खुश रहता है, साथ ही पूरा दिन शरीर में एक नयी उम्मंग रहती है।

4. भगवान की पूजा करें

पुरे दिन में नयी शक्ति और स्वयं की रक्षा करने के लिए आप सवेरे अपने भगवान् की पूजा करें। इससे आप अपने भगवान् को भी खुश कर सकते हैं साथ ही अपने दिन को शानदार बनाने के लिए प्राथना कर सकते हैं। उनकी कृपा आप पर बनी रहती है और आपको भी विश्वास रहता है कि मेरा कोई भी काम सफल होगा क्यूंकि मेरे भगवान् मेरे साथ हैं।

5. शराब पीना छोड़ दें

जीवन को नकारात्मक विचार से ग्रसित करने में शराब आज के समय काफी खतरनाक है। यह ना सिर्फ आपके स्वास्थ्य को नुक्सान पहुँचाती है बल्कि आपके दिमाग में नकारात्मक सोच भर देती है। अच्छा होगा अगर आप शाकाहारी बनो तो। क्यूंकि जो मनुष्य मांस खता है वह हमेशा नकारात्मक बन जाता है। इसलिए शराब की लत को छोड़ दें और सकारात्मक बनें।

6. हमेशा खुश रहे

ज़िन्दगी कुछ पलों की है इसलिए अगर आप इसमें खुश नहीं रहे तो आपकी ज़िन्दगी व्यर्थ है। आपका समय गलत है या सही लेकिन आपको खुश रहना बहुत जरूरी है। अक्सर आदमी के दिमाग में नकारात्मक सोच तब आती है जब वह दुखी या परेशान रहता है। अगर आपको किसी बात या काम से फ़ैल होने पर दुःख हो रहा है तो ये नहीं सोचे की आपको उससे कुछ नहीं मिला बल्कि ये सोचें की आपने वहां से बहुत कुछ सीखा है और आगे आप उसे बेहतर ढंग से कर सकते हो।

7. दूसरों से ईर्ष्या नहीं रखें

किसी दूसरे के कामों और उसके सफलता पर ईर्ष्या नहीं करें बल्कि ये दिमाग में बिठायें की उस काम को वह कर सकता है तो मैं क्यों नहीं। अपने आप में एक जूनून तैयार करें और उससे बेहतर बनाने की सोच रखें।

8. खुद के कामों पर गर्व करें

आपके दिमाग में सकारात्मक सोच तब तक नहीं आएगी जब तक आप अपने द्वारा किये गए कामो से खुश नहीं रहेंगे। ज़िन्दगी में खुश रहने का भी यही एक राज है। अगर आप सोचेंगे की मैं बहुत पीछे हूँ और मेरे दोस्त या कोई और मुझसे कई आगे है तो aap नकारात्मक ही रह जाओगे। बल्कि ये सोचें की मैंने बहुत अच्छे काम किये हैं और अपने दिमाग को सांत्वना देकर कुछ और बड़ा करने की सोच रखें।

 9. कर्म करें फल की चिंता नहीं करें

महाभारत में भी कृष्ण ने अर्जुन को यही सलाह दी थी आप कर्म करते चलो फल की चिंता न करो। अक्सर हमने देखा है बहुत सारे दोस्त किसी भी काम को करने से पहले उसका रिजल्ट देख लेते हैं और सोच लेते हैं कि यह काम मुझसे नहीं होगा अभी काम को शुरू भी नहीं किया। अरे भाई जब कुछ करेगा तभी तो पता लगेगा की आप कितने पीछे कौन सी खाई में हो। ये नकारात्मक सोच अपने दिमाग से निकालों और अगर आपको उससे कुछ नहीं मिलता तो सिखने को बहुत कुछ मिलेगा।

10. गलत संगत से दूर रहें

हमारे दिमाग में नकारात्मक सोच भरने के लिए हमारी संगत बहुत योगदान देती है। अगर आप कुछ करने की सोचते हो तो बुरी संगत में से कोई आपको उससे रोकेगा। बुरी संगत करने से आदमी न सिर्फ नकारात्मक बनता है बल्कि गलत आदतों जैसे सिगरेट, शराब, गांजा जैसे कई गलत आदतों में पड़ता है।

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