अगर आपको आता है गुस्सा बहुत ज्यादा तो ये करें।

गुस्सा हर किसी की ज़िंदगी का अहम हिस्सा है, जो की हर इंसान को आता है, चाहे किसी को कम तो किसी को ज्यादा। गुस्सा हर इंसान को अलग तरह से आता है। किसी को किसी छोटी बात पर जल्दी ही गुस्सा आ जाता है तो किसी को हद से ज्यादा परेशान होने पर ही क्रोध आता है। हद से ज्यादा परेशानी होने पर गुस्सा आने की कोई वजह जरूर होती है। लेकिन अगर आपको छोटी-छोटी बातो को लेकर आपके मन से नहीं रहा जाता है और क्रोध आने लगता है तो यह आपके लिए परेशानी का विषय है। आइये जाने क्रोध से समन्धित राज और गुस्सा को काबू में पाने के उपाय।  गुस्से-पर-काबू-पाने-के-ये-हैं-उपाय-control-you-anger-in-Hindi

गुस्से को control कैसे करे

गुस्सा और प्यार दोनों एक दूसरे के कड़े दुश्मन है। जहा प्यार एक दूसरे को आपस में बांधता है वही गुस्सा एक दूसरे के बीच दूरी बनता है। गुस्सा हद से ज्यादा आना भी आपके लिए परेशानी का विषय हो सकता है। यह आपके फैसलों को गलत कर सकता है। कई बार तो गुस्सा अपनों में ही खोट पंहुचा जाता है। गुस्सा अगर दोस्तों, परिवार के लोगों या सेज समन्धियों से हो गया तो इससे रिश्ते भी उजड़ जाते हैं। लेकिन अगर आप कहते हैं आप गुस्सा को ज्यादा उकसाहित न कर उसपे काबू पाएं तो ये करिये।

क्रोध में अक्सर क्या होता है

गुस्सा होने पर हमारी दिल की धड़कन तेजी से धड़कने लगती है, रक्तचाप में वृद्धि, तनाव ज्यादा होने लगता है। क्रोध में हमारी साँसे तेजी से उबरने लगती है और मन दूसरे को मरने के उप्पर चलता है। जब क्रोध जीवन में ज्यादा आता है तो समय के साथ इसे कण्ट्रोल नहीं कर पाते है। यह न सिर्फ तनाव को ज्यादा बढ़त बल्कि आपके गुणवत्ता को को प्रभावित करता है।

क्रोध/गुस्से पर नियंत्रण कैसे करें।

वैसे हम बार-बार स्वयं को यह समजते रहते हैं कि गुस्सा करना अच्छा नहीं है फिर भी क्रोध अपने आप आने लगता है। पूरे बचपन में हम यही सीखते रहे कि क्रोध नहीं करना चाहिए लेकिन यह प्रश्न कि ”क्रोध को नियंत्रित कैसे करे” ज्यों का त्यों बना हुआ है । जब यह भावनाओं का गुबार फूटता है, तब हम क्या करें ?

1. क्रोध को समझे

क्रोध आता क्यों है या इसे आने से पहले हम क्यों नहीं रोक पाते इन सब बातों से हम परे हैं। उदाहरण के लिए अगर किसी भी वक़्त हमारी किसी के साथ झगड़ा हो जाता है तो हमें ठन्डे दिमाग से इस बात को सोचना चाहिए की इसका फायदा क्या होगा। थोड़ी वह आपको गाली देगा थोड़ा आप दोगे, बाकी तमाशा देखने दुनिया तो है ही। महात्मा बुद्ध कहते थे की अगर गलती अपनी भी हो तो आदमी को गुस्सा नहीं करना चाहिए यह सिर्फ और सिर्फ आपको ही नुक्सान देगा। यह आसान नहीं होगा जब आपको क्रोध आया तो लेकिन मन और भावनाओ को देखते हुए आप अपने तनाव को काबू में कर गए तो आपके जैसा आदमी कोई नहीं। तो चलिए कुछ बेहतरीन तरीके जिनकी मदद से आप मन को काबू में पा सकते हैं।

2. बोलने से पहले सोचो

अक्सर गुस्सा आदमी को गर्मियों के दिनों में आता है, इसका कारण यह है की आदमी एक तो गर्मी से परेशान एक आजकल के बेरोजगारी, पर्यावरण प्रदुषण से परेशान रहता है और इस बीच आपको किसी के साथ बहस हो गई तो गुस्सा आना ही आना है, लेकिन कोई भी आदमी पहले तो आपको परेशान करने की कोशिश नहीं करेगा, क्यूंकि क्या पता वो भी परेशान हो और गलती में हो गया हो। अगर कोई परेशां करता है, तो उसका फल उसे आगे चलकर जरूर मिलता है। आपको बस अपने विचारो पर काबू रखना है की इससे गुस्सा करने पर मुझे क्या मिलेगा। कुछ देर शांत हो जाएँ खुद आपका गुस्सा ठंडा हो जायेगा।

3. Meditation स्वसन वाला योग

गुस्सा ज्यादातर तनाव के कारण आता है, और तनाव हमारे काम अच्छी तरह न होने पर। तो पहले आपको अपने तनाव को दूर करना होगा इसके लिए आप शुबह-शाम मेदितिओं करें। यह योगासन आपको आतंरिक रूप से शुद्ध करेगा। आपके मन में जो भी नकारातमक विचार या कोई गलत सोच हो उसे दूर करता है।

4. ब्रेक लें

काम के साथ साथ ब्रेक लेना बहुत जरूरी है। क्यूंकि काम में अगर सफलता नहीं मिलती है तो अक्सर आदमी क्रोध में आने लगता है वह हर बात पर चिड़चिड़ा हो जाता है। इसलिए जब भी आप कोई काम कर रहे हैं तो बीच में थोड़ा ब्रेक लें इससे आपको नए ऊर्जा मिलेगी और आप उस काम को ठन्डे दिमाग से अधिक बेहतर कर सकते हैं। इसके अलावा आप अपने काम पर ही ध्यान नहीं रखें कही घूमने या सुबह शाम ठंडी हवा में सैर करें।

5. मैं की भावना छोड़ दें।

कई व्यक्तियों को देखा गया है की वे छोटी से छोटी बात में कहते हैं “मैं ” परेशान हूँ, या मेरे साथ ये हो गया। इससे न सिर्फ आपकी प्रॉब्लम खत्म होगी आपका दिमाग आगे कही नहीं लगेगा और आप उस मैं पर ही ठीके रहेंगे। थोड़ा आगे देखें कितने लोग आपसे बड़ी समस्या से परेशान है। तो ये सबकुछ छोड़ दें और जाने जो हो रहा अच्छे के लिए हो रहा है।

6. हँसना बहुत जरूरी

दिल से हंसना भी आपके तनाव और गुस्से पर काबू पाने में मदद कर सकता है। कहते है की आधे से अधिक रोग तो तब ही ख़तम हो जाते है जब आदमी हँसाना जान जाता है। चाहे आपके उप्पर कितनी भी बड़ी परेशानी है आपको हिम्मत नहीं हारनी है। बस ये सोचकर चलें की समय के चलते सब सही हो जायेगा। समस्या का डटकर मुकाबला करें।

7. विश्राम भी है जरूरी

मानसिक काम हमेशा शारीरिक काम से बड़ा होता है, इसलिए एक साधारण कर्मचारी को काम पैसा और एक कुर्सी पर बैठे मैनेजर को ज्यादा पैसा मिलता है। वास्तव में शारीरिक काम में बस हमारी बॉडी को परेशानी होती है लेकिन मानसिक काम करना सबको आसान दीखता है लेकिन यह आसान नहीं है। ढेरो परेशानिया आती है जिससे दिमाग कण्ट्रोल में नहीं होगा है। isliye मन की शांति के लिए आपको विश्राम करना और रात को पूरी तरह सोना लाभकारी होता है।

8. नाराजगी मत रखो

माफ़ करना एक सबसे बड़ा परोपकार है, अगर किसी से आपकी लड़ाई हो जाती है तो उससे नकारातमक भावनाओ को न रखे इससे अच्छा है सकारातमक भावना को रखते हुए उसे माफ़ करें, और एक दूसरे से अच्छा रिश्ता की चाहत करें। गुस्सा और अन्याय की भावना आपको निगल सकती है।

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