Chanakya Neeti Hindi English

Chanakya Niti Hindi English: “Chanakya Niti” friends by identifying the difference between pollution, husband and wife in God and healing character discrimination, and public rights and duties of a king caste system is proper diagnosis. Mahapandit Acharya Chanakya Chanakya Niti total seventeen chapters of the 9th chapter of which is defined in this article.

Chanakya Neeti Hindi English Picture Image
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Chanakya Neeti in Hindi English

1. He who neither rouses fear by his anger, nor confers a favour when he is pleased can neither control nor protect. What can he do?

In Hindi: जिसके डाटने से सामने वाले के मन में डर नहीं पैदा होता और प्रसन्न होने के बाद जो सामने वाले को कुछ देता नहीं है. वो ना किसी की रक्षा कर सकता है ना किसी को नियंत्रित कर सकता है. ऐसा आदमी भला क्या कर सकता है.


2. The serpent may, without being poisonous, raise high its hood, but the show of terror is enough to frighten people — whether he be venomous or not.

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In Hindi: यदि नाग अपना फना खड़ा करे तो भले ही वह जहरीला ना हो तो भी उसका यह करना सामने वाले के मन में डर पैदा करने को पर्याप्त है. यहाँ यह बात कोई माइना नहीं रखती की वह जहरीला है की नहीं.


3. Poverty is set off by fortitude; shabby garments by keeping them clean; bad food by warming it; and ugliness by good behaviour.

In Hindi: गरीबी पर धैर्य से मात करे. पुराने वस्त्रो को स्वच्छ रखे. बासी अन्न को गरम करे. अपनी कुरूपता पर अपने अच्छे व्यवहार से मात करे.


4. My dear child, if you desire to be free from the cycle of birth and death, then abandon the objects of sense gratification as poison. Drink instead the nectar of forbearance, upright conduct, mercy, cleanliness and truth.

In Hindi: तात, यदि तुम जन्म मरण के चक्र से मुक्त होना चाहते हो तो जिन विषयो के पीछे तुम इन्द्रियों की संतुष्टि के लिए भागते फिरते हो उन्हें ऐसे त्याग दो जैसे तुम विष को त्याग देते हो. इन सब को छोड़कर हे तात तितिक्षा, ईमानदारी का आचरण, दया, शुचिता और सत्य इसका अमृत पियो.


5. Those base men who speak of the secret faults of others destroy themselves like serpents who stray onto anthills.

In Hindi: वो कमीने लोग जो दूसरो की गुप्त खामियों को उजागर करते हुए फिरते है, उसी तरह नष्ट हो जाते है जिस तरह कोई साप चीटियों के टीलों में जा कर मर जाता है.


6. Perhaps nobody has advised Lord Brahma, the creator, to impart perfume to gold; fruit to the sugarcane; flowers to the sandalwood tree; wealth to the learned; and long life to the king.

In Hindi: शायद किसीने ब्रह्माजी, जो इस सृष्टि के निर्माता है, को यह सलाह नहीं दी की वह …
सुवर्ण को सुगंध प्रदान करे.
गन्ने के झाड को फल प्रदान करे.
चन्दन के वृक्ष को फूल प्रदान करे.
विद्वान् को धन प्रदान करे.
राजा को लम्बी आयु प्रदान करे.


7. By preparing a garland for a Deity with one’s own hand; by grinding sandal paste for the Lord with one’s own hand; and by writing sacred texts with one’s own hand — one becomes blessed with opulence equal to that of Indra.

In Hindi: आपको इन्द्र के समान वैभव प्राप्त होगा यदि आप..
अपने भगवान् के गले की माला अपने हाथो से बनाये.
अपने भगवान् के लिए चन्दन अपने हाथो से घिसे.
अपने हाथो से पवित्र ग्रंथो को लिखे.


8. Nectar (amrita) is the best among medicines; eating good food is the best of all types of material happiness; the eye is the chief among all organs; and the head occupies the chief position among all parts of the body.

In Hindi: अमृत सबसे बढ़िया औषधि है.
इन्द्रिय सुख में अच्छा भोजन सर्वश्रेष्ठ सुख है.
नेत्र सभी इन्द्रियों में श्रेष्ठ है.
मस्तक शरीर के सभी भागो मे श्रेष्ठ है.


9. The student, the servant, the traveller, the hungry person, the frightened man, the treasury guard, and the steward: these seven ought to be awakened if they fall asleep.

 

In Hindi: इन सातो को जगा दे यदि ये सो जाए…
१. विद्यार्थी २. सेवक ३. पथिक ४. भूखा आदमी ५. डरा हुआ आदमी ६. खजाने का रक्षक ७. खजांची


10. The serpent, the king, the tiger, the stinging wasp, the small child, the dog owned by other people, and the fool: these seven ought not to be awakened from sleep.

In Hindi: इन सातो को नींद से नहीं जगाना चाहिए…
१. साप २. राजा ३. बाघ ४. डंख करने वाला कीड़ा ५. छोटा बच्चा ६. दुसरो का कुत्ता ७. मुर्ख


11. Of those who have studied the Vedas for material rewards, and those who accept foodstuffs offered by shudras, what potency have they? They are just like serpents without fangs.

In Hindi: जिन्होंने वेदों का अध्ययन पैसा कमाने के लिए किया और जो नीच काम करने वाले लोगो का दिया हुआ अन्न खाते है उनके पास कौनसी शक्ति हो सकती है. वो ऐसे भुजंगो के समान है जो दंश नहीं कर सकते.


 

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