Chanakya Neeti First Chapter

Chanakya Neeti First Chapter: Chanakya Nit dwara mitra-bhed se lekar dushan tak ki pahchan, pati-parmeshawar aur charitra heen stri me vibhed, raja ka kartavya aur janta ke adhikaro aur varn vyawastha ka uchit nidaan ho jata hai. Mahapandit Aacharya chankya ki Chanakya Niti me kul 17 chepter hai jisme se first chepter is article me define hai.

Chanakya Neeti About Woman in Hindi
Chanakya Neeti About Woman in Hindi

Chanakya Neeti In Hindi – First Chapter 

1. Even a pandit comes to grief by giving instruction to a foolish disciple, by maintaining a wicked wife, and by excessive familiarity with the miserable.

In Hindi: एक पंडित भी घोर कष्ट में आ जाता है यदि वह किसी मुर्ख को उपदेश देता है, यदि वह एक दुष्ट पत्नी का पालन-पोषण करता है या किसी दुखी व्यक्ति के साथ अतयंत घनिष्ठ सम्बन्ध बना लेता है.


2. A wicked wife, a false friend, a saucy servant and living in a house with a serpent in it are nothing but death.

In Hindi: दुष्ट पत्नी, झूठा मित्र, बदमाश नौकर और सर्प के साथ निवास साक्षात् मृत्यु के समान है।


3. One should save his money against hard times, save his wife at the sacrifice of his riches, but invariably one should save his soul even at the sacrifice of his wife and riches.

In Hindi: व्यक्ति को आने वाली मुसीबतो से निबटने के लिए धन संचय करना चाहिए। उसे धन-सम्पदा त्यागकर भी पत्नी की सुरक्षा करनी चाहिए। लेकिन यदि आत्मा की सुरक्षा की बात आती है तो उसे धन और पत्नी दोनो को तुक्ष्य समझना चाहिए।


4. Save your wealth against future calamity. Do not say, “What fear has a rich man, of calamity?” When riches begin to forsake one even the accumulated stock dwindles away.

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In Hindi: भविष्य में आने वाली मुसीबतो के लिए धन एकत्रित करें। ऐसा ना सोचें की धनवान व्यक्ति को मुसीबत कैसी? जब धन साथ छोड़ता है तो संगठित धन भी तेजी से घटने लगता है।


5. Do not inhabit a country where you are not respected, cannot earn your livelihood, have no friends, or cannot acquire knowledge.

In Hindi: उस देश मे निवास न करें जहाँ आपकी कोई ईज्जत नहीं हो, जहा आप रोजगार नहीं कमा सकते, जहा आपका कोई मित्र नहीं और जहा आप कोई ज्ञान आर्जित नहीं कर सकते।


6. Humbly bowing down before the almighty Lord Sri Vishnu, the Lord of the three worlds, I recite maxims of the science of political ethics (niti) selected from the various satras (scriptures).

In Hindi: तीनो लोको के स्वामी सर्वशक्तिमान भगवान विष्णु  को नमन करते हुए मै एक राज्य के लिए  नीति  शास्त्र  के सिद्धांतों  को कहता हूँ.  मै यह सूत्र अनेक शास्त्रों का आधार ले कर कह रहा हूँ।


7. That man who by the study of these maxims from the satras acquires a knowledge of the most celebrated principles of duty, and understands what ought and what ought not to be followed, and what is good and what is bad, is most excellent.

In Hindi: जो व्यक्ति शास्त्रों के सूत्रों का अभ्यास करके ज्ञान ग्रहण करेगा उसे अत्यंत वैभवशाली कर्तव्य के सिद्धांत ज्ञात होगे। उसे इस बात का पता चलेगा कि किन बातों का अनुशरण करना चाहिए और किनका नहीं। उसे अच्छाई और बुराई का भी ज्ञात होगा और अंततः उसे सर्वोत्तम का भी ज्ञान होगा।


8. Therefore with an eye to the public good, I shall speak that which, when understood, will lead to an understanding of things in their proper perspective.

In Hindi: इसलिए लोगो का भला करने के लिए मै उन बातों को कहूंगा जिनसे लोग सभी चीजों को सही परिपेक्ष्य मे देखेगे।


 

9. Do not stay for a single day where there are not these five persons: a wealthy man, a brahmin well versed in Vedic lore, a king, a river and a physician.

In Hindi: ऐसे जगह एक दिन भी निवास न करें जहाँ निम्नलिखित पांच ना हो: एक धनवान व्यक्ति , एक ब्राह्मण जो वैदिक शास्त्रों में निपुण हो, एक राजा, एक नदी , और एक चिकित्सक।


10. Wise men should never go into a country where there are no means of earning one’s livelihood, where the people have no dread of anybody, have no sense of shame, no intelligence, or a charitable disposition.

In Hindi: बुद्धिमान व्यक्ति को ऐसे देश में कभी नहीं जाना चाहिए जहाँ : रोजगार कमाने का कोई माध्यम ना हो, जहा लोगों को किसी बात का भय  हो, जहा लोगो को किसी बात की लज्जा न हो,  जहा लोग बुद्धिमान न हो, और जहाँ लोगो की वृत्ति दान धरम करने की ना हो।


11. He is a true friend who does not forsake us in time of need, misfortune, famine, or war, in a king’s court, or at the crematorium (smasana).

In Hindi: अच्छा मित्र वही है जो हमे निम्नलिखित परिस्थितियों में नहीं त्यागे: आवश्यकता पड़ने पर, किसी दुर्घटना पड़ने पर, जब अकाल पड़ा ,  जब युद्ध चल रहा हो, जब हमे राजा के दरबार मे जाना पड़े, और जब हमे समशान घाट जाना पड़े।


12. He who gives up what is imperishable for that which is perishable, loses that which is imperishable; and doubtlessly loses that which is perishable also.

In Hindi: जो व्यक्ति कसी नाशवंत चीज के लिए कभी नाश नहीं होने वाली चीज को छोड़ देता है, तो उसके हाथ से अविनाशी वस्तु तो चली ही जाती है और इसमे कोई संदेह नहीं की नाशवान को भी वह खो देता है।


13. A wise man should marry a virgin of a respectable family even if she is deformed. He should not marry one of a low-class family, through beauty. Marriage in a family of equal status is preferable.

In Hindi: एक बुद्धिमान व्यक्ति को किसी इज्जतदार घर की अविवाहित कन्या से किस वयंग होने के बावजूद भी विवाह करना चाहिए। उसे किसी हीन घर की अत्यंत सुन्दर स्त्री से भी विवाह नहीं करनी चाहिए। शादी-विवाह हमेशा बराबरी के घरो मे ही उिचत होता है।


14. Do not put your trust in rivers, men who carry weapons, beasts with claws or horns, women, and members of a royal family.

In Hindi: इन ५ पर कभी विश्वास ना करें : १. नदियां,  २. जिन व्यक्तियों के पास अश्त्र-शस्त्र हों,  ३. नाख़ून और सींग वाले पशु,  ४. औरतें (यहाँ संकेत भोली सूरत की तरफ है, बहने बुरा न माने ) ५. राज घरानो के लोगो पर।


15. Even from poison extract nectar, wash and take back gold if it has fallen in filth, receive the highest knowledge (Krsna consciousness) from a low born person; so also a girl possessing virtuous qualities (stri-ratna) even if she were born in a disreputable family.

In Hindi: अगर हो सके तो विष मे से भी अमृत निकाल लें,  यदि सोना गन्दगी में भी पड़ा हो तो उसे उठाये, धोएं और अपनाये, निचले कुल मे जन्म लेने वाले से भी सर्वोत्तम ज्ञान ग्रहण करें,  उसी तरह यदि कोई बदनाम घर की कन्या भी महान गुणो से संपनन है और आपको कोई सीख देती है तो गहण करे.


17. Women have hunger two-fold, shyness four-fold, daring six-fold, and lust eight-fold as compared to men.

In Hindi: महिलाओं में पुरुषों कि अपेक्षा:  भूख दो गुना, लज्जा चार गुना, साहस छः गुना,  और काम आठ गुना होती है।


 

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